बाल-ए-जिबरील

[Bal-e-Jibreel][bleft]

बांग-ए-दरा

[Bang-e-Dra][bleft]

ज़र्ब-ए-कलीम

[Zarb-e-Kaleem][bleft]

Asar Kare Na Kare | असर करे न करे

असर करे न करे, सुन तो ले मेरी फ़रयाद
नहीं है दाद का तालिब यह बंदा-ए-आज़ाद.

यह मुश्ते ख़ाक, यह सर सर, यह वुसअते अफ़लाक
करम है या क: सितम तेरी लज़्ज़त-ए-इजाद.

ठहर सका न हवा-ए-चमन में ख़ेमा-ए-गुल
यही है फ़सले बहारी, यही है बाद-ए-मुराद.

कुसूरवार, ग़रीब-उद-दयार हूँ लेकिन
तेरा ख़राबा फ़रिश्ते न कर सके आबाद.

मेरी जफ़ा तलबी को दुआएँ देता है
वो दश्ते सादा, वो तेरा जहाने बेबुनियाद.

ख़तरपसंद तबीयत को साज़गार नहीं
वो गुलिस्ताँ क: जहाँ घात में न हो सय्याद.

मक़ाम-ए-शौक़ तेरे क़ुद्सियों के बस का नहीं
उन्हीं का काम है यह जिनके होसलें हैं ज़य्याद.