बाल-ए-जिबरील

[Bal-e-Jibreel][bleft]

बांग-ए-दरा

[Bang-e-Dra][bleft]

ज़र्ब-ए-कलीम

[Zarb-e-Kaleem][bleft]

Aurat | औरत

वुजूद-ए-ज़न से है तस्वीर-ए-कायनात में रंग
इसी के साज़ से है ज़िन्दगी का सोज़-ए-दरूं

शरफ़ में बढ़ के सुरय्या से मुश्त-ए-ख़ाक इसकी
क: हर शरफ़ है इसी दुर्ज का दुर-ए-मकनूँ

मकालमात-ए-फ़लातूँ न लिख सकी, लेकिन
इसी के शोले से टूटा शरर-ए-अफ़लातूँ
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