बाल-ए-जिबरील

[Bal-e-Jibreel][bleft]

बांग-ए-दरा

[Bang-e-Dra][bleft]

ज़र्ब-ए-कलीम

[Zarb-e-Kaleem][bleft]

Ilm-o-Ishq | इल्म-ओ-इश्क़



इल्म ने मुझसे कहा इश्क़ है दीवानापन
इश्क़ ने मुझसे कहा इल्म है तख़मीन-ओ-ज़न

बंदा-ए-तख़मीन-ओ-ज़न! किर्म-ए-किताबी न बन 
इश्क़ सरापा हुज़ूर, इल्म सरापा हिजाब.

इश्क़ की गर्मी से है मअरका-ए-कायनात
इल्म मक़ाम-ए-सिफ़ात, इश्क़ तमाशा-ए-ज़ात

इश्क़ सुकून-ओ-सबात, इश्क़ हयात-ओ-ममात
इल्म है पैदा सवाल, इश्क़ है पिन्हाँ जवाब.

इश्क़ के हैं मोअजज़ात सल्तनत-ओ-फ़क्र-ओ-दीं
इश्क़ के अदना ग़ुलाम साहिब-ए-ताज-ओ-नगीं.

इश्क़ मकान-ओ-मकीं, इश्क़ ज़मान-ओ-ज़मीं
इश्क़ सरापा यक़ीं, और यक़ीं फतह-ए-बाब !

शरअ-ए-मुहब्बत में है इशरत-ए-मंज़िल हराम
शोरिश-ए-तूफां हलाल, लज़्ज़त-ए-साहिल हराम.

इश्क़ पे बिजली हलाल, इश्क़ पे हासिल हराम
इल्म है इब्नुल किताब, इश्क़ है उम्मुल किताब.
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