बाल-ए-जिबरील

[Bal-e-Jibreel][bleft]

बांग-ए-दरा

[Bang-e-Dra][bleft]

ज़र्ब-ए-कलीम

[Zarb-e-Kaleem][bleft]

Tujhe Yaad Kya Nahi Hai | तुझे याद क्या नहीं है



तुझे याद क्या नहीं है मेरे दिल का वो ज़माना 
वो अदबगहे मुहब्बत, वो निगह का ताज़ियाना।
Have You forgotten then my heart of old,
That college of Love, that whip that bright eyes hold?
*

 ये बुताने अस्र-ए-हाज़िर क: बने हैं मदरसे में 
न अदा-ए-काफ़िराना, न तराश-ए-आज़राना।
The school‐bred demi‐goddesses of this age
Lack the carved grace of the old pagan mold!
*

 नहीं इस खुली फ़ज़ा में कोई गोशा-ए-फ़राग़त 
यह जहाँ अजब जहाँ है, न क़फ़स न आशियाना। 
This is a strange world, neither cage nor nest,
With no calm nook in all its spacious fold.
*

रग-ए-ताक मुन्तज़िर है तेरी बारिश-ए-करम की 
क: अजम के मयकदों में न रही मय-ए-मग़ाना।
The vine awaits Your bounteous rain: no more
Is the Magian wine in Persia’s taverns sold.
*

मेरे हम-सफ़ीर उसे भी असर-ए-बहार समझे 
उन्हें क्या ख़बर क: क्या है यह नवाए आशिक़ाना। 
My comrades thought my song were of Spring’s kindling—
How should they know what in Love’s notes is told?
*

मेरे ख़ाक-ओ-खूँ से तूने यह जहाँ किया है पैदा 
सिला-ए-शहीद क्या है, तब-ओ-ताब-ए-जावेदाना। 
Out of my flesh and blood You made this earth;
Its quenchless fever the martyr’s crown of gold.
*

 तेरी बन्दापरवरी से मेरे दिन गुज़र रहे हैं 
न गिला है दोस्तों का, न शिकायत-ए-ज़माना। 
My days supported by Your alms, I do not
Complain against my friends, or the times scold.
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English Translation: Iqbal Urdu Blog