बाल-ए-जिबरील

[Bal-e-Jibreel][bleft]

बांग-ए-दरा

[Bang-e-Dra][bleft]

ज़र्ब-ए-कलीम

[Zarb-e-Kaleem][bleft]

Aalam-e-Aab-o-Khak | आलम-ए-आब-ओ-ख़ाक



आलम-ए-आब-ओ-ख़ाक-ओ-बाद ! सिर्रे अयाँ है तू क: मैं
वो जो नज़र से है निहाँ उस का जहाँ है तू क: मैं !
Fabric of earth and wind and wave! Who is the secret, you or I,
Brought into light? Or who the dark world of what hides yet, you or I?
*

वो शब-ए-दर्द-ओ-सोज़-ओ-ग़म कहते हैं ज़िन्दगी जिसे
उस की सहर है तू क: मैं? उस की अज़ाँ है तू क: मैं !
Here in this night of grief and pain, trouble and toil, that men call life,
Who is the dawn, or who dawn’s prayer cried from the minaret, you or I?
*

किस की नमूद के लिए शाम-ओ-सहर हैं गरम-ए-सैर
शाना-ए-रोज़गार पर बार-ए-गराँ है तू क: मैं !
Who is the load that Time and Space bear on their shoulder? Who the prize
Run for with fiery feet by swift daybreak and sunset, you or I?
*

तू कफ़-ए-ख़ाक-ओ-बे-बसर, मैं कफ़-ए-ख़ाक-ओ-ख़ुद निगर
किश्त-ए-वुजूद के लिए आब-ए-रवाँ है तू क: मैं !
You are a pinch of dust and blind, I am a pinch of dust that feels;
Through the dry land, Existence, who flows like a stream-let, you or I?
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English Translation: Iqbal Urdu Blog