बाल-ए-जिबरील

[Bal-e-Jibreel][bleft]

बांग-ए-दरा

[Bang-e-Dra][bleft]

ज़र्ब-ए-कलीम

[Zarb-e-Kaleem][bleft]

Karl Marx Ki Aawaz | कार्ल मार्क्स की आवाज़



यह इल्म-ओ-हिकमत की मोहराबाज़ी, यह बहस-ओ-तकरार की नुमाइश
नहीं है दुनिया को अब गवारा पुराने अफ़कार की नुमाइश !
Your chess-match of research and erudition—Your comedy of debate and disputation!
The world has no more patience left to watch this comedy of threadbare speculation.
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तेरी किताबों में ऐ हकीम-ए-मुआश रक्खा ही क्या है आख़िर
ख़ुतूत-ए-ख़ामदार की नुमाइश, मरीज़-ओ-कजदार की नुमाइश !
What after all, sapient economists, Is to be found in your biblification?
A comedy of your nicely‐flowing curves, A sort of Barmecidal invitation.
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जहान-ए-मग़रिब के बुतकदों में, कलीसाओं में, मदरसों में
हवस की खूंरेज़ियाँ छुपाती है अक्ल-ए-अय्यार की नुमाइश !
In the idolatrous shrines of the Occident, Its pulpits and its seats of education,
Greed and its murderous crimes are masked under your knavish comedy of cerebration.
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