बाल-ए-जिबरील

[Bal-e-Jibreel][bleft]

बांग-ए-दरा

[Bang-e-Dra][bleft]

ज़र्ब-ए-कलीम

[Zarb-e-Kaleem][bleft]

Teri Nigah Firomaya | तेरी निगाह फ़िरोमाया



तेरी निगाह फ़िरोमाया, हाथ है कोताह
तेरा गुनाह क: नख़ील-ए-बुलन्द का है गुनाह
Your vision and your hands are chained, earthbound,
Is it your nature’s fault, or of the thought too high?
*

गला तो घोंट दिया अहले मदरिसा ने तिरा
कहाँ से आये सदा 'ला-इलाहा-इल्लल्लाह !
The school-men have strangled your nascent soul,
And stifled the voice of passionate faith in you.
*

ख़ुदी में गुम है ख़ुदाई तलाश कर ग़ाफ़िल
यही है तेरे लिए अब सलाह-ए-कार की राह !
Absorb yourself in self-hood, seek the path of God,
This is the only way for you to find freedom.
*

हदीस-ए-दिल किसी दरवेश-ए-बेगिलीम से पूछ
ख़ुदा करे तुझे तेरे मक़ाम से आगाह !
Ask an unclad dervish what the heart doth say,
May God show you your place in the world of men.
*

बरहना सर है तू अज़्म-ए-बुलन्द पैदा कर
यहाँ फ़क़त सरे शाहीं के वास्ते है कुलाह !
If bare‐headed, have a towering will,
The crown is not for you, but for the eagle alone.
*

न है सितारे की गर्दिश, न बाज़ी-ए-अफ़लाक
ख़ुदी की मौत है तेरा ज़वाल-ए-नेमत-ओ-जाह !
When you lose self hood, you lose power, too;
Blame not the stars and fate for your fall.
*

उठा मैं मदरसा-ओ-ख़ानक़ाह से ग़मनाक
न ज़िन्दगी, न मुहब्बत, न माअरेफ़त, न निगाह !
Monasteries and schools left me sad and dejected,
No life and no love; no vision and no knowledge.
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English Translation: Iqbal Urdu Blog